दिल्ली दंगो के दौरान कितने धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा, इसका खुलासा एक आरटीआई के जरिए हुआ है. आरटीआई के मुताबिक, इस साल फरवरी में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुई हिंसा में करीब एक दर्जन से ज्यादा धार्मिक स्थलों को उपद्रवियों ने नुकसान पहुंचाया.

द क्विंट की खबर के अनुसार सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत पूछे गए सवालों के जवाब में, दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है कि हिंसा के दौरान 8 मस्जिद, 2 मदरसे, 1 दरगाह और 2 मंदिर क्षतिग्रस्त हुए.
यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने आरटीआई कार्यकर्ता यूसुफ नकी द्वारा पूछे गए दो अलग-अलग सवालों के जवाब में दी है.

नकी ने अपनी आरटीआई में मुस्लिम धार्मिक स्थलों – मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों पर हमला होने, उनके क्षतिग्रस्त होने या जलने के बारे में पूछा था, जिसके जवाब में पुलिस ने कहा, “सभी एसएचओ / एनईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, 8 मस्जिद, 2 मदरसे और 1 दरगाह इस जिले में क्षतिग्रस्त हुए थे.”

हालांकि, ये आंकड़े दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा दिए गए आंकड़ों से अलग हैं. वक्फ बोर्ड के मुताबिक, दंगों के दौरान 19 मस्जिदें क्षतिग्रस्त हुई हैं.
आरटीआई में हिंदू पूजा स्थलों को नुकसान पहुंचने के सवाल के जवाब में पुलिस ने बताया, “उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, इस जिले में दो मंदिर क्षतिग्रस्त हुए थे.”

वहीं पुलिस ने विशेष रूप से यह बताने से इनकार कर दिया कि साम्प्रदायिक हिंसा के दौरान कौन-कौन से मुस्लिम और हिंदू धार्मिक स्थल क्षतिग्रस्त हुए थे. पुलिस ने “संवेदनशील” जानकारी का हवाला देते हुए, इस पर जवाब देने से इनकार कर दिया.

कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई?
आरटीआई के सवालों के जवाब में, पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों पर हमले के संबंध में 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से सात जमानत पर बाहर हैं और चार चार्जशीट दायर की गई हैं.

हिंदू पूजा स्थलों को नुकसान पहुंचाने के मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, एक आरोप पत्र दायर किया गया है और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कोई भी जमानत पर बाहर नहीं है. बता दें कि ये जवाब 9 जून को दिए गए.

हालांकि पुलिस ने उन लोगों का ब्योरा देने से इनकार कर दिया, जिनका नाम एफआईआर में दर्ज है या जो गिरफ्तार किए गए हैं.

ReportLook Desk

Reportlook Media Network

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