पुणे पुलिस की अपराधा शाखा और दक्षिणी कमांड की संपर्क इकाई (सैन्य सतर्कता) ने एक संयुक्त अभियान में रविवार को एक लिखित परीक्षा के दौरान सेना के लिए फर्जी भर्ती आयोजित करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि सैन्य शारीरिक प्रशिक्षण संस्थान (एआईपीटी) में आयोजित की जा रही सामान्य भर्ती परीक्षा के दौरान गिरोह का पर्दाफाश किया गया और सेना के एक जवान समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस उपायुक्त (अपराध) बच्चन सिंह ने कहा, हमें सेना के अधिकारियों की तरफ से एआईपीटी मैदान में होने वाली आज की प्रवेश परीक्षा के फर्जीवाड़े के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी। संयुक्त कार्रवाई करते हुए हमने संदिग्ध के तौर पर हवलदार जयदेव सिंह परिहार, दलाल वेल सिंह रावत को पकड़ा और उनसे पूछताछ की। परिहार भर्ती कार्यालय में ही तैनात था।

उन्होंने कहा, इन लोगों ने 17 उम्मीदवारों को सेना में नौकरी दिलाने का वादा किया और एक अन्य आरोपी रविंद्र राठौर को इन सभी को ट्यूशन देने के लिए अपने साथ शामिल किया। राठौर को भी गिरफ्तार किया गया है। सिंह ने कहा कि आरोपियों की योजना प्रत्येक चयनित उम्मीदवार से डेढ़ लाख रुपए वसूलने की थी। उन्होंने कहा कि अन्य भर्तियों के संबंध में भी इन संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।

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