सुशांत सिंह राजपूत मामले में टीवी चैनल्स पर लगातार बहस चल रही है। रिपब्लिक टीवी पर 14 अक्टूबर को अर्नब गोस्वामी एक बार फिर से मृत्युंजय तिवारी, अमित कुमार, विक्रम सिंह यादव, प्रदीप भंडारी, अंकित तिवारी, गणेश आचार्य, ममता काले, राजीव रंजन, एके बाजपेयी और सैफ खान के बीच डिबेट कराते दिखे। डिबेट के बीच अर्नब ने नेशनल कांग्रेस पार्टी के लीडर सैफ खान को कहा कि ‘आओ बेटा डिबेट में।’ इस पर सैफ ने भी अर्नब को जवाब दिया और फिर शुरू हुई तगड़ी बहस।

अर्नब ने पूछता है भारत डिबेट में कहा- ‘सैफ खान आओ डिबेट में बेटा। मृत्युंजय तिवारी, अमित कुमार, विक्रम सिंह, यादव प्रदीप भंडारी, अंकित तिवारी, गणेश आचार्य, ममता काले, राजीव रंजन, एके बाजपेयी और सैफ बेटा लाइन पर आओ डिबेट पर आओ। इन्होंने कहा था सुशांत का मुद्दा- किसी को कोई मतलब ही नहीं है, आगे निकलो-आगे निकलो सुशांत का मुद्दा खत्म हो गया। ये कहा था इन्होंने।’ अर्नब ‘चिल्लाते हुए पूछते हैं? कैसे खत्म हुआ?’

अर्नब की इस बात का सैफ खान जवाब देते हैं और कहते हैं- ‘अभी पता चलेगा कौन पापा है कौन बेटा है। ये मुद्दा खत्म हो गया है अर्नब। कभी इसमें एक्सप्लॉइटेशन दिखाते हैं, कभी ड्रग का रैकेट नेक्सेस दिखाते हैं।’ इस पर अर्नब कहते हैं कि अंग्रेजी नहीं हिंदी में बोलो हिंदी में। इस पर सैफ कहते हैं -अच्छा सुनाई कम पड़ रहा है. कान का ऑपरेशन कराना पड़ेगा।

ऐसे में अंकित तिवारी और सैफ खान के बीच बहस छिड़ जाती है। सैफ कहते हैं- कभी छापे पड़ते हैं फिल्म डायरेक्टर के ऊपर, कभी एक्सप्लॉइटेशन का मामला लगता है। आप बता दीजिए कि क्या डाउट लगता है आपको? अंकित तिवारी गुस्से में चिल्लाते हुए कहते हैं- ‘क्या चाहते हो तुम लोग? मजाक बना कर रखे हो।’

सैफ खान कहते हैं- इंडियन नेशनल कांग्रेस इंसाफ करके छोड़ेगी। इंसाफ मिलेगा सुशांत को। तभी अर्नब बोल पड़ते हैं- ‘अरे ओ उद्धव जी के दायने हाथ। अंकित औऱ गणेश दोनों पटना के लोग हैं। पटना में लोग क्या कह रहे हैं सुनो। सुशांत का मुद्दा खत्म हुआ क्या? अंकित आप दिल्ली में गणेश आप पटना में हैं बताइए आप? अरे ओ सैफ आप बिहारी को बीमारी कहते थे ना?’ अंकित इस पर कहते हैं- ‘तुम लोग जो मुंह काला करके बैठे हो ना यहां आओ और प्रोटेस्ट में बैठो। आओ चैलेंज दे रहा हूं तुम्हें आओ।’

इस पर सैफ कहते हैं-‘ ये कौन बोल रहा है बदतमीज, सबसे पहले ना तुम तमीज में बात करो। किसको कहा मुंह काला? घटिया लोग ऐसी सोच रख सकते हैं। तुम्हें जो परवरिश मिली है ना वो चैनल पर आकर मत दिखाओ।मुंह काला करो उनका जो एफआईआर नहीं लिखते। ..और सुशांत के मर्डर को लेकर जो भी है हम उसको छोड़ेंगे नहीं। ये वादा है इंडियन नेशनल कांग्रेस का।’ तभी अंकित कहते हैं तो आकर दिखाओ यहां।

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