जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला अपने कथित देशविरोधी बयानों के चलते सुर्खियों में हैं। उन्होंने कथित तौर पर चीन की मदद से जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए बहाल किए जाने की उम्मीद जताई थी। उनके इन्हीं बयानों पर न्यूज चैनल रिपब्लिक भारत के डिबेट शो पूछता है भारत में विभिन्न मतों के पैनलिस्ट में खूब तीखी बहस हुई है। शो के दौरान न्यूज एंकर अर्नब गोस्वामी की भी एक पैनलिस्ट से बहस हो गई।

बहस के दौरान अर्नब ने पैनलिस्ट को जिनपिंग के नाम से संबोधित करते हुए उन्हें चीन का चपरासी करार दिया। अर्नब ने कहा, ‘अरे चीन के चपरासी। चीन से चिपके रहने वाले चुंबक कहीं के। भारत में बैठे चीन के चुगलखोर…अरे तुम चीन चले जाओ। पूरा भारत तुम्हारा एहसान मानेगा, यहां से भाग जाओ।’ गुस्साए पैनलिस्ट ने न्यूज एंकर की इन टिप्पणियों पर खूब लताड़ लगाई। उन्होंने कहा, ‘चीन के चपरासी तुम हो। तुम नरेंद्र मोदी के चपरासी हो। तुम अमित शाह के जूता पॉलिश कनरे वाले। आप अमित शाह का बूट पॉलिश करते हैं। मैं हिंदुस्तान में ही रहूंगा।’

पैनलिस्ट की प्रतिक्रिया से अर्नब खासे नाराज हो गए और जोर-जोर से भाग जिनपिंग भाग… भाग जिनपिंग भाग… चिल्लाने लगे। उन्होंने कहा कि तुम्हारे दिल में चीन बसा है गद्दार। तुम्हारे राष्ट्रपति जिनपिंग हैं। अर्नब ने कहा कि हम कहते हैं भारत माता की जय और ये कहते हैं चीन माता की जय। 12वें मिनट से देखें वीडियो-

उल्लेखनीय है कि मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक अब्दुल्ला ने कथित रूप से कहा था, ‘जहां तक चीन का सवाल है मैंने तो कभी चीन के राष्ट्रपति को यहां बुलाया नहीं। हमारे वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) ने उसे गुजरात में बुलाया, उसे झूले पर भी बिठाया, उसे चेन्नई भी ले गए, वहां भी उसे खूब खिलाया, मगर उन्हें वह पंसद नहीं आया और उन्होंने आर्टिकल 370 को लेकर कहा कि हमें यह कबूल नहीं है। और जब तक आप आर्टिकल 370 को बहाल नहीं करेंगे, हम रुकने वाले नहीं हैं, क्योंकि तुम्हारे पास अब यह खुल्ला मामला हो गया है। अल्लाह करे कि उनके इस जोर से हमारे लोगों को मदद मिले और अनुच्छेद 370 और 35ए बहाल हो।’

उनके इस बयान की भाजपा ने कड़ी निंदा की और इसे ‘देशद्रोही’ टिप्पणी करार दिया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘एक तरह से फारूक अब्दुल्ला अपने इंटरव्यू में चीन की विस्तारवादी मानसिकता को न्यायोचित ठहराते हैं, वहीं दूसरी ओर एक देशद्रोही कमेंट करते हैं कि भविष्य में हमें अगर मौका मिला तो हम चीन के साथ मिलकर अनुच्छेद 370 वापस लाएंगे।’ (

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