ढाका. बांग्लादेश में कथित रूप से इस्लाम की निंदा संबंधी फेसबुक पोस्ट की अफवाह के चलते कोमिला जिले में कुछ कट्टरपंथियों ने कई हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ की और उनमें आग लगा दी. बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने कहा कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए हैं जो संदिग्ध दिखे. कट्टरपंथियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

असदुज्जमां खान ने कहा कि प्रभावित गांव में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है. कमाल ने कहा, हमने तत्काल कार्रवाई के रूप में संदिग्धों को दंड देने के लिए मोबाइल अदालतें लगाई हैं, लेकिन दोषियों पर व्यापक जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक इस घटना से पहले फ्रांस में रहने वाले एक बांग्लादेशी व्यक्ति ने अमानवीय विचाराधारा के खिलाफ कदम उठाने पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों की कथित रूप से प्रशंसा की थी. इसके बाद रविवार को मकानों में तोड़फोड़ की गई और उनमें आग लगा दी गई. खबर के अनुसार, पूर्बो धौर के बाल विद्यालय के प्रधानाध्यापक और एक अन्य व्यक्ति ने पोस्ट पर टिप्पणी में मैक्रों की कार्रवाई का स्वागत किया था. फेसबुक पोस्ट के बारे में अफवाह फैलने पर शनिवार को इलाके में तनाव छा गया.

गांव के प्रधान जो खुद हिन्दू हैं, ने इन लोगों को पुलिस को सौंप दिया. उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें मुकदमा लंबित रहने तक जेल भेज दिया गया. पुलिस ने उनके खिलाफ डिजिटल सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया है. कोमिला के पुलिस प्रमुख सैयद नूरिल इस्लाम ने बताया कि पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनकी पहचान वीडियो फुटेज से हुई. मोबाइल अदालत ने उन्हें डेढ़-डेढ़ साल कैद की सजा सुनाई है. घटना को लेकर अब तक तीन मामले दर्ज किए गए हैं और दो अन्य मामले दर्ज किए जा रहे हैं.

नूरिल इस्लाम ने कहा कि सरकार विरोधी राजनीतिक दल के युवा कार्यकर्ताओं ने भीड़ का नेतृत्व किया जिसने तोड़फोड़ की जिसमें दो हिन्दू मंदिर भी नष्ट कर दिए गए. जिले के उपायुक्त मोहम्मद अबुल फजल मीर ने कहा, अब स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने घरों पर हमले किए और आगजनी की. गिरफ्तार दो लोगों के घरों को भी निशाना बनाया गया.

पैगंबर मोहम्मद के काटूर्नों को लेकर फ्रांस के खिलाफ कई मुस्लिम बहुल देशों में पिछले कुछ समय से प्रदर्शन हो रहे हैं. पैगंबर मोहम्मद के कार्टून की अनुमति देने वाले कानूनों को फ्रांस के राष्ट्रपति के समर्थन के खिलाफ बांग्लादेश की राजधानी ढाका तथा इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हजारों लोगों ने सोमवार को मार्च निकाला.

हिफाजत-ए-इस्लाम समूह द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारी ढाका की बैतुल मुकर्रम मस्जिद के बाहर जमा हुए. वे ‘फ्रांस मुर्दाबाद’ और ‘फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार करो’ जैसे नारे लगा रहे थे. उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों के पुतले भी जलाये.

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भी फ्रांसीसी दूतावास के बाद इंडोनेशियाई मुस्लिमों ने फ्रांस के राष्ट्रपति के विरोध में मार्च निकाला. दो हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों ने इसमें भाग लिया. जकार्ता में भी प्रदर्शनकारियों ने ‘फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार’ करने का आह्वान किया.

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