नई दिल्‍ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) ने शुक्रवार को राज्‍य की भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की सभी जिला समितियों को भंग कर दिया है. यह कदम तब उठाया गया है जब बांकुड़ा जिले के विष्णुपुर से बीजेपी सांसद सौमित्र खान (Saumitra Khan) द्वारा भाजयुमो जिला समितियों की सूची को जिलों के पार्टी सदस्यों या राज्य पार्टी प्रमुख से सलाह के बिना अंतिम रूप दिया गया. खान भाजयुमो के अध्यक्ष भी हैं.

न्‍यूज18 से खास बातचीत में दिलीप घोष ने कहा, ‘भाजपा एक अनुशासित पार्टी है और यहां सबकुछ पार्टी लाइन के अनुसार होता है. मैंने भाजयुमो की सभी जिला समितियों को भंग कर दिया है क्योंकि सूची को अंतिम रूप देने से पहले सौमित्र खान द्वारा न तो मुझसे और न ही जिला पार्टी अध्यक्षों से सलाह ली गई थी.’

उन्होंने कहा, ‘इस तरह की चीजें पार्टी में नहीं होनी चाहिए क्योंकि बीजेपी अनुशासनात्मक आधार पर चलती है और हमारी विचारधारा और कार्य करने का तरीका हमारे पास है. जल्द ही हमारे पास भाजयुमो जिला समितियों की एक नई सूची होगी और आगे के निर्णय तक मैंने भाजपा के जिला अध्यक्षों को भाजयुमो के कामकाज को संभालने के लिए पावर दी है.

सौमित्र खान ने गुरुवार को सुरोजित दास, सुरेश शॉ, प्रेमांशु राणा, राकेश चौघरी, अरिजीत रॉय और अरुण ब्रम्भा को भाजयुमो जिला अध्यक्ष के रूप में मुर्शिदाबाद उत्तर, हुगली, हावड़ा ग्रामीण, डेरामपुर, आसनसोल और बैरकपुर में नियुक्त किया था. यह पता चला कि राज्य के बीजेपी नेताओं का एक बड़ा वर्ग प्रदीप दास को भाजयुमो के अध्यक्ष के रूप में देखना चाहता था.


दिलीप घोष ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा की जिला समिति भंग हो गई है. ‘कुछ कारणों से किसी भी अन्य घोषणाओं तक, भारतीय जनता युवा मोर्चा और संबंधित जिला समितियों के सभी जिला अध्यक्षों को आज से भंग किया जा हरा है. आगे की घोषणाओं तक उनके कर्तव्यों को भारतीय जनता पार्टी के संबंधित जिला अध्यक्षों द्वारा निभाया जाएगा.’

वहीं मामले में भाजयुमो के अध्यक्ष सौमित्र खान ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि इसे क्यों भंग किया गया. मैंने पहले कभी इस तरह की कार्रवाई नहीं देखी. नई भाजयुमो की समिति को भंग करने के संभावित कारणों के बारे में पूछे जाने पर, खान ने कहा, ‘हो सकता है कि वह भाजयुमो अध्यक्ष के रूप में किसी और को नियुक्त करना चाहते हों. अगर उन्हें मेरे द्वारा तैयार सूची से समस्या है, तो मुझे लगता है कि उन्हें भाजयुमो का प्रभार ले लेना चाहिए.’

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