हाथरस में कथित गैंगरेप का मुद्दा देश भर में छाया हुआ है। विपक्षी पार्टियां एक ओर जहां सरकार को इस मामले में घेर रही हैं, वहीं शासन ने इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने का पत्र केंद्र सरकार को भेज दिया है। इस कांड के चारों आरोपियों से मिलने स्थानीय बीजेपी सांसद राजवीर सिंह दिलेर जेल पहुंचे, लेकिन जेलर ने उन्हें मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हालांकि, सांसद ने इस बात से इनकार किया है कि वह आरोपियों से मिलने गए थे। उनका कहना है कि जेलर से उनके व्यक्तिगत संबंध हैं। जेलर ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।

BJP के पूर्व विधायक के घर पर हुई महापंचायत, चारों आरोपियों को बताया निर्दोष :

इससे पहले भाजपा के पूर्व विधायक राजवीर पहलवान के घर पर सर्वसमाज की पंचायत में गैंगरेप प्रकरण में जेल भेजे गए सभी आरोपियों को निर्दोष बताया गया। इस मौके पर यूपी सरकार के पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने के फैसले का स्वागत भी किया गया। पूर्व विधायक के आवास पर आयोजित महापंचायत में राजवीर ने कहा कि 14 सितंबर को घटना के समय पीड़िता और उसकी मां ने थाना और जिला अस्पताल में घटना की सच्चाई के बारे में बताया, लेकिन पुलिस ने उनके बयानों को नजरंदाज कर दिया। पुलिस ने दबाव में आकर गैंगरेप जैसी धाराओं में लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

पूर्व विधायक ने कहा कि हकीकत कुछ और ही है। इसके बारे में पूरा जिला जानता है। उन्होंने मीडिया पर भी नाराजगी जाहिर की। कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं, अब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी के अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है। वह आरोपी परिवारों का बयान दर्ज करेगी। इस मौके पर पूर्व विधायक ने चार वकीलों को एसआईटी के अधिकारियों से मिलकर पक्ष रखने की भी जिम्मेदारी सौंपी। पूर्व विधायक के बेटे मनवीर सिंह ने कहा कि पुलिस ने जिन लोगों को जेल भेजा है वे निर्दोष हैं। मेडिकल रिपोर्ट में कोई रेप की पुष्टि नहीं हुई है। मीडिया ने ट्रायल कर दिया और उन्हें फांसी के फंदे पर पहुंचाने की मांग कर डाली जोकि पूरी तरह से परिवारों के साथ अन्याय है।

परिवार की बढ़ाई गई सुरक्षा :

हाथरस की पीड़िता के परिवार को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा दे दी है। गांव में तनाव और परिवारवालों को मिल रही धमकियों के बीच सरकार के निर्देश पर यूपी पुलिस ने पीडि़त परिवार को सुरक्षा दी है। पीड़िता के भाई के साथ दो पुलिसकर्मी अंगरक्षक की तरह लगाए गए हैं। घर के बाहर डेढ़ सेक्शन पीएसी की 24 घंटे तैनाती कर दी गई है। डिप्टी एसपी स्तर के एक अधिकारी सहित कई पुलिसवालों की तैनाती की गई है। एक मजिस्ट्रेट की भी ड्यूटी गांव में लगाई लगाई गई है। दो महिला एसआई व छह महिला कॉन्स्टेबल घर के बाहर तैनात हैं। गांव में शांति व्‍यवस्‍था कायम रखने के लिए 15 पुलिस के जवान, 3 एसएचओ भी 24 घण्टे की ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं।

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