चीन से निकले कोरोना वायरस ने दुनियाभर में 1 करोड़ से अधिक लोगों को संक्रमित किया है तो करीब 5 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। वैसे तो चीन को इन आंकड़ों पर दुनिया से माफी मांगनी चाहिए, शर्मिंदगी होनी चाहिए, कम से कम अफसोस तो जताया ही जा सकता था, लेकिन इससे ठीक उलट वह तो खुद को विजेता घोषित करने में जुटा है। चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने कुल संक्रमितों, मृतकों और दुनिया के 10 सबसे प्रभावित देशों के आंकड़ों को पेश करते हुए खुद को विजेता घोषित किया है। इतना ही नहीं ड्रैगन ने यहां तक कहा है कि उसे इस जीत पर गर्व है।

कौन सा देश अंत में वायरस को हराएगा? इस शीर्षक से लिखे संपादकीय में सरकारी अखबार ने लिखा है कि रविवार को दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के आंकड़े 1 करोड़ के पार चले गए और यह वास्तविक संक्रमण का एक नमूना भर हो सकता है। अमेरिकी रोग नियंत्रक विभाग ने कहा है कि अमेरिका में जितने केस आए हैं उससे 10 गुना अधिक लोग संक्रमित हो सकते हैं। यदि इस आंकड़े से अनुमान लगाएं तो दुनिया में 10 करोड़ लोग संक्रमित हो सकते हैं।

कोरोना वायरस की जानकारी दुनिया को देने में जानबूझकर देरी करने का आरोप झेल रहा चीन अपने आंकड़े तो दुनिया से छिपाता रहा है, लेकिन दूसरे देशों में संक्रमितों और मृतकों जितनी बढ़ रही है, चीन खुद को उतना बड़ा विजेता समझ रहा है। चीन का यह रुख भले ही आपको हैरान कर रहा हो, लेकिन ग्लोबल टाइम्स संपादकीय में इन बातों को बहुत ही सहजता के साथ लिखा गया है, संकोच का कोई भाव नहीं है।

संपादकीय में लिखा गया है, ”कोविड-19 को ट्रैक करने और खत्म करने की सबसे मजबूत योग्यता चीन की है। चीन ने महामारी की पहली लहर को काबू कर लिया और अब देशभर के लोग अलर्ट हैं। सभी चीनी घरेलू संक्रमण को जीरो पर लाने को सहमत हैं।”

संपादकीय में आगे लिखा गया है, ”चीन ने पश्चिमी देशों से काफी अच्छा काम किया है, खासकर अमेरिका की तुलना में। अमेरिका कोरोना के खिलाफ शुरुआती जंग में फेल रहा, इसने मानवतावाद के मिशन को लगभग छोड़ दिया और वायरस को 125,000 से अधिक अमेरिकियों के जीवन को लेने दिया।”

अखबार ने यहां तक कहा है कि महामारी के दौर में भी राष्ट्रीय मजबूती की प्रतिद्वंद्विता खत्म नहीं हुई है, इसलिए जो देश कम प्रभावित हैं उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा। चीन ने कोविड-19 के केसों की संख्या को कई बार 0 तक ला दिया है। लेख में कहा गया है कि अमेरिका को चीन के मुकाबले बहुत अधिक आर्थिक नुकसान होगा। अंत में लिखा गया है कि चीन ने महामारी के खिलाफ पहली जंग जीत ली है और यह गर्व का विषय है। इस पूरे लेख में चीन ने मानवीय दृष्टि से भी लोगों की मौत और तबाही पर अफसोस जताते हुए एक शब्द नहीं लिखा है।

ReportLook Desk

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