येरेवान: नार्गोनो-काराबाख (Nagorno-Karabakh) क्षेत्र को लेकर आर्मेनिया और आजरबैजान (Armenia and Azerbaijan) की सेना के बीच बुधवार को भी संघर्ष जारी रहा। आर्मेनिया के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र की राजधानी पर फिर से हमला हुआ है और यूरोपीय संघ ने संघर्ष बंद करने की अपील की है।

आजरबैजान और आर्मेनिया की सेना के बीच 1994 के बाद हुए सबसे भीषण संघर्ष के तहत 27 सितम्बर से ही लड़ाई जारी है जिसमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। नार्गोनो-काराबाख आजरबैजान के अंदर स्थित है लकिन 25 वर्षों से अधिक समय से आर्मेनिया के सहयोग से जातीय आर्मेनियाई बलों के अधीन है।

आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता आर्तस्रुन ओवानिसियन ने बुधवार को कहा कि नार्गोनो-काराबाख की राजधानी स्तेपनाकर्त एवं आसपास के रिहायशी इलाकों को आजरबैजान ने एक बार फिर से निशाना बनाया है।

नार्गोनो-काराबाख के अधिकारियों ने कहा कि स्तेपनाकर्त में असैनिक संस्थानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया गया। रूस के सरकारी आरआईए नोवोस्ती संवाद समिति ने बुधवार को खबर दी कि रात में लोगों के घरों पर गोलीबारी की गई जिससे काफी क्षति हुई है।

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  1. War always harmful to civilisation. It’s target itself to cause damages of lives and assets which took years long struggle by human.

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