कोविड-19 की मार कला जगत पर भी पड़ी है। नए कलाकारों से लेकर वरिष्ठ कलाकारों के पास काम न होने की वजह से अधिकतर लोगों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार की एक नोटिस ने देश के वरिष्ठ और बड़े कलाकारों को आहत किया है। मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स ने एक नोटिस जारी कर कई बड़े कलाकारों को सरकारी घर खाली कराने का निर्देश दिया है।

नोटिस में यह कहा गया है कि ये कलाकार 31 दिसंबर तक घर खाली कर दें। यह नोटिस पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित कलाकार बिरजू महाराज समेत जतिन दास, रीता गांगुली, उस्ताद एफ वसीफुद्दीन डागर, पंडित भजन सोपोरी आदि को दिया गया है। इन वरिष्ठ कलाकारों ने सरकार के इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। उनके समर्थन में आरएसएस से जुड़ी कला और साहित्य के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था संस्कार भारती सामने आई है। कलाकारों ने संस्था के महामंत्री अमीर चंदजी के सामने अपनी बात रखी।

इसके बाद संस्था ने सरकार को एक पत्र लिखकर घर खाली कराने के अपने फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। पत्र में संस्था की तरफ से लिखा गया, ‘सरकार की यह नीति है कि इस संकट में आवश्यक सहायता दी जाए। इसलिए सरकार द्वारा कलाकारों को इतने लंबे समय से प्रदत्त सहायता संकट के इस समय वापस लेना मानवीय दृष्टिकोण के अनुरूप नहीं है। वर्तमान कोरोना संकटकाल में भारत सरकार ने सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी सहायता का प्रावधान किया है।’

संस्था ने अपने पत्र में आगे लिखा, ‘माननीय केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने भी 6 माह पूर्व क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के माध्यम से कलाकारों के लिए सहायता संबंधी बात कही थी। उस पर शीघ्र संज्ञान लेकर सहायता की व्यवस्था की जानी चाहिए।’

कलाकारों को नोटिस भेजे जाने के बाद संस्था के महामंत्री अमीर चंडजी ने बिरजू महाराज, भजन सोपोरी एवं पद्मश्री वसीफुद्दीन डागर आदि कलाकारों से जाकर मुलाक़ात की और केंद्र सरकार के फैसले के ख़िलाफ़ उनके समर्थन में होने का आश्वासन दिया। संस्था का कहना है कि कलाकारों के सहायता की शीघ्र व्यवस्था की जानी चाहिए।

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