डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) के बेटे एरिक ट्रम्प (Eric Trump) चुनाव संपन्न होने के एक हफ्ते बाद – 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Election) में लोगों से वोट देने का आग्रह किया, जिसके लिए सोशल मीडिया (Social Media) पर उनका मज़ाक उड़ रहा है.. मंगलवार को उन्होंने वोट देने की अपील का ट्वीट शेयर किया और कुछ ही देर बाद उसे हटा लिया गया. एरिक ट्रम्प ने मिनेसोटा में लोगों से “बाहर निकलने और वोट देने” का आग्रह किया.

कुछ मिनट के अंदर ही ट्वीट को हटा लिया गया, लेकिन सोशल मीडिया से कोई नहीं बच सकता. खासकर वो जो डोनाल्ड ट्रम्प का बेटा हो. कुछ घंटों के भीतर, माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर ट्वीट के स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे. लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया.

अमेरिका के पूर्व बास्केटबॉल प्लेयर रेक्स चैपमैन ने इस स्क्रीनशॉट को शेयर किया और बताया कि उन्होंने इलेक्शन डे की जगह अगले हफ्ते ट्वीट को शेड्यूल किया था.

कई लोगों ने उनका मज़ाक बनाना शुरू कर दिया. कई लोगों ने कहा कि उन्होंने इंटरनेट एक्सप्लोरर से ट्वीट शेड्यूल किया होगा, जो काफी स्लो होने के लिए चर्चा में रहता है.

चुनाव के दिन, एरिक ट्रम्प ने इसी तरह के ट्वीट्स की एक श्रृंखला पोस्ट की थी, जिसमें लोगों से वोट देने का आग्रह किया गया था. इससे अटकलें तेज हो गईं कि मिनेसोटा का ट्वीट शायद एक शेड्यूलिंग त्रुटि थी

फिर भी, ट्विटर एक ऐसी जगह नहीं है जो आसानी से माफ़ कर दे, लोगों ने एरिक को ट्रोल करना शुरू कर दिया. कुछ ही घंटे में वो ट्रेंड करने लगे. लोगोंने ऐसे रिएक्शन्स दिए हैं.

टेलीविजन पर्सनेलेटी पद्मा लक्ष्मी उन लोगों में शामिल थीं जिन्होंने ट्वीट का मजाक उड़ाया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चुनाव में धोखाधड़ी के अपने आरोपों को रविवार को फिर दोहराया. उन्होंने बिना किसी सबूत के कहा कि वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी की गई थी और चुनाव धोखे (stolen election) से जीता गया. ट्रंप ने महत्वपूर्ण राज्यों में मतगणना की वैधता पर बार-बार सवाल उठाए हैं. अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को कहा कि देश के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाल में सम्पन्न हुए चुनाव में हार स्वीकार ना करना शर्मिंदगी भरा है.

बाइडन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘सच कहूं, तो मुझे लगता है कि यह एक शर्मिंदगी भरी हरकत है….इससे राष्ट्रपति की विरासत को कोई मदद नहीं मिलेगी….विश्व के नेताओं के साथ अपनी बातचीत के बाद मुझे इतना पता है कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका के लोकतांत्रिक संस्थानों को एक बार फिर मजबूत होता देखा जाएगा

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