केंद्र सरकार की ओर से लाए गए कृषि विधेयकों को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को पंजाब में किसानों का रेल रोको अभियान जारी रहा। पंजाब और हरियाणा में कृषि कानून का भारी विरोध देखने को मिल रहा है। हरियाणा से एक बार फिर किसानों ने दिल्ली के लिए कूच किया है। बड़ी संख्या में किसान दिल्ली के विजय घाट के लिए निकले हैं जहां लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देने जा रहे हैं। लेकिन कुंडली बॉर्डर पर पुलिस ने किसानों को रोक दिया है।

आज गाजियाबाद में किसानों एकत्रित हो रहे हैं। 2 अक्टूबर 2018 को यहां पर आंदोलन देखने को मिला था। उसके ठीक दो साल बाद किासनों ने यहां यज्ञ करने की बात कही है। गाजियाबाद में यूपी गेट के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। किसान उन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं जो हाल में मोदी सरकार ने संसद से पारित कराए हैं।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इन बिलों पर मुहर लगाकर कानून की मंजूरी दे दी है। इन कानूनों के संसद में भी विरोध देखने को मिला था। पंजाब के अकाली दल की नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कृषि बिलों का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद शिरोमणी अकाली दल ने एनडीए से नाता तोड़ दिया। पंजाब के अमृतसर में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पिछले नौ दिनों से पटरी पर बैठी है। कमेटी के सुखविंदर सिंह का कहना है कि हमारा ये प्रदर्शन पांच अक्टूबर तक जारी रहेगा।

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