चीन के सरकारी मीडिया ग्‍लाेबल टाइम्‍स ने बीजेपी को आग से न खेलने की धमकी दी है। ग्‍लोबल टाइम्‍स का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब द‍िल्‍ली बीजेपी के नेता तजिंदर पाल स‍िंह ने चीनी दूतावास के बाहर ताइवान को बधाई देने वाले पोस्‍टर लगवाए थे।

पेइचिंग
चीन का सरकारी अख़बार ग्‍लोबल टाइम्‍स राजधानी नई दिल्‍ली में चीनी दूतावास के बाहर दिल्‍ली बीजेपी के नेता तजिंदर बग्‍गा के ताइवान नैशनल डे के पोस्‍टर लगाने पर भड़क उठा है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि यह आग से खेलने जैसा काम है और इससे पहले से खराब चल रहे भारत-चीन संबंध और ज्‍यादा खराब होंगे। चीनी अखबार ने कहा कि भारत की सत्‍तारूढ़ बीजेपी मूर्खों जैसा व्‍यवहार छोड़े और यह समझे कि वह आग से खेल रही है।

ग्‍लोबल टाइम्‍स ने चीनी विशेषज्ञ लियू काइयू के हवाले से कहा कि बीजेपी नेता ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब भारतीय मीडिया ने ताइवान के नैशनल डे का समर्थन किया है और सहयोग किया है। साथी भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने भारतीय मीडिया के एक चीन की नीति का सम्‍मान नहीं करते हुए अपने विचारों को प्रकाशित करने के अधिकारों का समर्थन किया है।

बीजेपी नेता तजिंदर बग्‍गा ने चीनी दूतावास के बाहर लगवाए ‘हैप्‍पी नैशनल डे’ के पोस्‍टर्स

कथित चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि भारत का ताइवान के सवाल पर भड़काने का प्रयास भारत-चीन रिश्‍तों पर ऐसा असर डालेगा जिसे ‘फिर ठीक नहीं किया जा सकेगा।’ शंघाई इंस्‍टीट्यूट में अंतरराष्‍ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ झाओ गांचेंग ने कहा, ‘भारत चीन की एक चीन नीति को चुनौती देकर आग से खेल रहा है।’ उन्‍होंने दावा किया कि भारत ताइवान के सवाल पर घरेलू स्‍तर पर चीन विरोधी भावनाओं को भड़काकर भारत सरकार चीन को एक पड़ोसी के रूप में व्‍यवहार करने से पीछे हटने के लिए बाध्‍य कर रही है।

‘बीजेपी भारत-चीन तनाव के बीच ताइवान के सवाल को भड़का रही’
झाओ ने कहा कि भारत को उस समय आश्‍चर्य नहीं होना चाहिए जब उसे आर्थिक तथा आपसी आदान-प्रदान से हाथ धोना पड़ जाए। चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि भारत सरकार खुलेआम अभी भी एक चीन नीति का पालन करती है लेकिन प्रेस की स्‍वतंत्रता के नाम पर कंधे उचकाने लगती है। चीन के रिसर्च फेलो हू झियोंग ने कहा कि राष्‍ट्रवादी बीजेपी अनैतिक तरीके से भारत-चीन तनाव के बीच ताइवान के सवाल को भड़का रही है। उसने लक्ष्‍मण रेखा को पार कर दिया है क्‍योंकि वह ताइवान का कार्ड खेल रही है और यह सोच रही है कि चीन के साथ मोलभाव में काम देगा।

हू ने कहा कि यह उकसावे की कार्रवाई भारत के लिए कुछ भी अच्‍छा नहीं लाएगी और केवल पहले से धरातल पर चल रहे द्विपक्षीय तनाव को और भड़काएगी। यहां तक कि यह दोनों देशों के बीच रणनीतिक भागीदारी को नुकसान पहुंचाएगी। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि मास्‍को में हुए 5 सूत्री समझौते पर अभी भी भारत ने कोई कदम नहीं उठाया है। भारत ने अपनी सैन्‍य तैनाती को बढ़ा दिया है। इसने चीनी सेना को सीमा पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को मजबूर किया है।

चीनी दूतावास के बाहर ताइवान को बधाई देते पोस्‍टर्स लगाए
बता दें कि ताइवान से दोस्‍ताना संबंध रखने वाले देशों से चीन चिढ़ा रहता है। हालांकि भारत के रिश्‍ते ताइवान से मधुर हैं। आज यानी 10 अक्‍टूबर को ताइवान का नैशनल डे है। सोशल मीडिया पर भारतीयों ने ताइवान का साथ दिया है। इसके अलावा दिल्‍ली में चीनी दूतावास के बाहर ताइवान को बधाई देते पोस्‍टर्स लगाए गए हैं। ये पोस्‍टर्स बीजेपी नेता तजिंदर बग्‍गा ने लगवाए हैं। भारत में चीनी दूतावास ने भारतीय मीडिया से कार्यक्रम से दूर रहने के लिए कहा था। उस वक्‍त भी ताइवान ने चीन को करारा जवाब दिया था।

चाणक्‍यपुरी में जगह-जगह ऐसे पोस्‍टर्स लगे हैं। इनपर ऑक्‍युपाइड मेनलैंड चीन का नक्‍शा बना है और बड़े अक्षरों में ताइवान के नीचे ‘हैप्‍पी नैशनल डे’ लिखा है। सोशल मीडिया पर पहले ही चीन और शी जिनपिंग के खिलाफ गुस्‍सा है। अब ऐसे पोस्‍टर्स सामने आने के बाद चीन की भद्द पिटनी तय है। चीनी दूतावास शांतिपथ पर पड़ता है। बहुत सारे लोगों ने शांतिपथ का नाम बदलकर दलाई लामा पथ रखने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे चीन को रोज तिब्‍बत की हालत का एहसास होगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *