हाथरस। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी के हाथरस पीड़िता के परिवार से मिलने के एक दिन बाद भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रविवार को हाथरस पहुंचे। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद चंद्रशेखर ने उनके लिए ‘वाई श्रेणी सुरक्षा’ की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार यहां सुर​क्षित नहीं है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के रिटार्यड जज से मामले की जांच कराने की मांग की। चंद्रशेखर ने कहा, “मैं परिवार के लिए ‘वाई श्रेणी सुरक्षा’ की मांग करता हूं या मैं उन्हें अपने घर ले जाऊंगा। वे यहां सुरक्षित नहीं हैं। हम चाहते हैं कि एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में जांच हो।”

भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के हुजूम के साथ पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे चंद्रशेखर को पुलिस ने हाथरस से करीब 20 किलोमीटर पहले ही रोक ​लिया था। इसके बाद उन्हें कुछ लोगों के साथ परिवार से मिलने की अनुमति दी गई थी। बता दें, भीम आर्मी और चंद्रशेखर आजाद भी हाथरस मामले को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर योगी सरकार पर हमलावर हैं। दो दिन पहले दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर ने कहा था “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब तक इस्तीफा नहीं देते हैं और न्याय नहीं मिलता है, तब तक मेरा संघर्ष जारी रहेगा। मैं सुप्रीम कोर्ट से घटना का संज्ञान लेने की अपील करता हूं।”

शनिवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवार से बंद कमरे में करीब एक घंटे तक मुलाक़ात की थी। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। पंजाब के मोगा में रविवार को रैली के दौरान राहुल गांधी ने हाथरस मामले में कहा, ‘कल मैं यूपी में था, उधर हिन्दुस्तान की एक बेटी को मार दिया गया और जिन लोगों ने मारा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और जिस परिवार की बेटी को मारा गया उनको अपने घर के अंदर बंद कर दिया गया। डीएम ने उनको धमकाया, मुख्यमंत्री ने धमकाया, ये है हिन्दुस्तान की हालत।”

डीएमके सांसद ने कहा- योगी सरकार कुछ छुपा रही है…

हाथरस पर विरोधियों ने योगी सरकार पर निशाना साधा है, डीएमके ने कहा है कि योगी सरकार कुछ छुपा रही है। डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने र​विवार को हाथरस मामले में बयान देते हुए कहा कि यूपी सरकार वहां (हाथरस) क्या हुआ उसे छिपाने की कोशिश कर रही है। पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार और पत्रकारों पर हमले की कड़ी निंदा है। इसके अलावा, वहां जाने वाले राजनीतिक नेताओं पर भी हमला किया जा रहा है।

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