हाथरस गैंगरेप मामले में एक तरफ जहां न्याय की मांग उठ रही है। वहीं, दूसरी तरफ एक तबका ऐसा है जो आरोपियों के समर्थन में पंचायत कर रहा है। शुक्रवार को हाथरस में सवर्णों ने पंचायत की। धारा 144 लागू होने के बावजूद भी हुई इस पंचायत में लोगों ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की। इतना ही नहीं खबरों के मुताबिक चार अक्टूबर को इस मामले को लेकर विधायक राजवीर सिंह पहलवान के घर बैठक की भी बात कही जा रही है।

इन लोगों का कहना है कि निर्दोषियों को फंसाया जा रहा है और इस मामले के दोषी कोई और हैं। पंचायत में आए लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अगर हमारे बच्चे दोषी हैं तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए। यह पंचायत भागना गांव में हुई। पंचायत में शामिल लोगों का कहना है कि राजनीतिक पार्टियां इस मामले का इस्तेमाल अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रही हैं।

उधर पीड़ित परिवार के सदस्यों का कहना है कि पुलिस ने उनके परिजनों को पुलिस ने बंद किया हुआ है और किसी से मिलने नहीं दे रहे हैं। पीड़िता के भाई का कहना है कि पुलिस वालों का कहना है कि मीडिया से बात नहीं करनी है।

उधर, महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों के विरोध में सपा और आम आदमी पार्टी (आप) ने जगह-जगह प्रदर्शन किया। वाम दलों ने भी हाथरस समेत अन्‍य जिलों में महिलाओं के साथ हुई घटनाओं के खिलाफ योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग को लेकर आज यहां हजरतगंज समेत राज्‍य के कई जिलों में गांधी प्रतिमाओं के निकट धरना दिया। हाथरस घटना और कृषि कानूनों के विरोध में मौन व्रत पर बैठने जा रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को शुक्रवार को हजरतगंज इलाके में पुलिस ने रोकने का प्रयास किया और जब वे नहीं रुके तो लाठीचार्ज किया तथा उन्हें आगे नहीं जाने दिया।

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