भोपाल ( प्रतिनिधि)। राजधानी के समन्वय भवन में राजपूत महापंचायत मप्र की ओर से आयोजित ‘बेटी बचाओ आत्मा को बनाओ” कार्यक्रम में सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने शूद्रों वाले बयान पर सफाई दी। रविवार को महापंचायत के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि सीहोर में कार्यक्रम में मैंने कहा था कि ब्राह्मण को ब्राह्मण कह दो उन्हें बुरा नहीं लगता है।

क्षत्रिय को छत्रिय कह दो वह भी बुरा नहीं मानते हैं। वैश्य को वैश्य कहते हैं तो उन्हें भी बुरा नहीं लगता, पर शूद्र को शूद्र कह दो तो उन्हें बुरा लग जाता है, क्योंकि आजकल के लोग समझ नहीं पाते हैं। फिर मैंने कहा था कि जो राष्ट्र की रक्षा का कार्य करता है।

वह क्षत्रिय है, जो शराब पीकर पत्नी को पीटे, धर्म ध्वजा, भगवा व हिंदुओं का अपमान करता है। वह न हिंदू हो सकता है और न ही क्षत्रिय। मेरे इस बयान को मीडिया ने तोड़-मरोड़ के दिखा दिया। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने बेटियों के पैर पूजकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हम सतर्क रहें।

बच्चों को अच्छे संस्कार देना जरूरी है। अपनी बच्चियों व बच्चों का ध्यान रखना जरूरी है कि वह कहां पढ़ रहे हैं? उनकी संगत कैसी है? बच्चे कैसे वस्त्र पहन रहे हैं? मर्यादित वस्त्र पहनते हैं तो निश्चित रूप से सुरक्षित हैं। यदि मर्यादित वस्त्र नहीं पहने हैं तो गलत हो सकता है। एक बेटी को शहर में दुष्कर्म करके गोली मार दी गई थी। इस घटना में मुझे काफी कष्ट है।

बेटी ने बलिदान दिया, उसने क्षत्रियता का धर्म निभाया। बेटियों की सुरक्षा के लिए भोपाल में काम किए जाएंगे। उन्हें आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम में बेटियों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर भेल, विश्व क्षत्रिय अखाड़ा, अखंड राजपूताना, महाराणा सेना भोपाल सति अन्य राजपूत समाज के संगठनों के पदाधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित हुए।

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