नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को खत्म किए जाने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला को नजरबंद कर दिया गया था। जिसके बाद उन्हें पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत नजरबंद कर दिया गया था, लेकिन अब उनपर से पब्लिक सेफ्टी एक्ट को हटा दिया गया है।

इससे पहले उनके पिता फारुक अब्दुल्ला को रिहा किया गया था। रिहा होने के बाद फारुक अब्दुल्ला ने कहा था कि असल आजादी तभी है जब उमर, महबूबा सहित अन्य नेताओं को भी रिहा किया जाए।

प्रियंका गांधी ने जाहिर की खुशी

उमर अब्दुल्ला को रिहा किए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि उमर अब्दुल्ला की असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक हिरासत को खत्म कर दिया गया है। यह समय है कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के लोगों का भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को बहाल करे।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार

बता दें कि इससे पहले 18 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तरह उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की थी। उच्चतम न्यायालय में उमर अब्दुल्ला की बहन सारा पायलट ने याचिका दायर कर पीएसए को चुनौती दी थी।

इसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से उमर अब्दुल्ला की रिहाई पर जवाब मांगा था। न्यायालय ने कहा था , जम्मू-कश्मीर प्रशासन यह जानकारी दे कि क्या वह पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला को रिहा करने की योजना बना रहा हैं या हम उनकी बहन की याचिका पर सुनवाई करें।

कई नेताओं को किया गया था गिरफ्तार

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए अब इस मामले की सुनवाई को अगले सप्ताह के लिए टाल दिया था। बता दें कि 5 अगस्त, 2019 के दिन घाटी से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारुख अब्दुल्ला समेत कई दिग्गज नेताओं को नजर बंद कर दिया गया था।

इसके अलावा उमर अब्दुल्ला को जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में भी ले लिया गया था। इसी के खिलाफ उनकी बहन सारा पायलट ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

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