निजामुद्दीन में धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन से 25 से अधिक लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने को लेकर हड़कंप मचा हुआ है. पूरे इलाके के लोगों की जांच शुरू कर एरिया सील कर दिया गया है. लॉकडाउन के बाद भी इस तरह के आयोजन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. जमात-ए-उलमाए हिन्द के मौलाना महमूद मदनी इसके बचाव में उतर आए हैं.

उन्होंने कहा कि निजामुद्दीन में कोई जलसा आयोजित नहीं किया जा रहा था. कार्यक्रम पहले से चल रहा था और इसी बीच लॉकडाउन हो गया. उम्मीद नहीं थी इस तरह लॉक डाउन हो जाएगा और सब कुछ बंद हो जाएगा.

मजमूद मदनी ने कहा कि कहीं ना कहीं कोई गलती हुई है. हो सकता है लोकल अधिकारियों से गलती हुई हो. आयोजकों से गलती हुई हो. अभी मसले को हल करना है और लोगों को तकलीफ से बचाना है. लिहाजा हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखना है और सारे नियम को मानना चाहिए.

मस्जिदों में जुमे नहीं हुए. सब लोगों ने इसे फॉलो करने की कोशिश की है. हम लोगों ने भी प्रस्ताव दिया है कि 10000 लोगों के क्वारेंटाइन करने की जगह भी उलेमा-ए-हिंद देगा और यहां से लोगों को निकाल कर अगर आइसोलेट करना है या क्वारेंटाइन करना है तो हम जगह की भी व्यवस्था कर सकते हैं.

मामले में न हो राजनीति
महमूद मदनी ने कहा कि इस मसले पर राजनीति ना हो. लाखों लोग भी सड़क पर निकल गए थे अपने अपने घर जाने के लिए और आश्चर्य की बात की एक तरफ पीएम जनता कर्फ्यू और लॉक डाउन की बात करते हैं और दूसरी तरफ दो-दो मुख्यमंत्री सार्वजनिक तौर पर जलसा करते हैं यह भी ठीक नहीं है.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 25 नए मामले सामने आने के बाद दिल्ली में इस घातक वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 97 हो गई है. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि रविवार रात तक शहर में संक्रमित लोगों की संख्या 72 थी जिनमें से दो लोगों की मौत हो गई है.

उसने बताया कि 97 मरीजों में से 89 एलएनजेपी अस्पताल, जीटीबी अस्पताल, आरएमल अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेश्येलिटी अस्पताल समेत विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं.

ReportLook Desk

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