लखनऊ: यूपी कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा ने मायावती को अपना अघोषित प्रवक्ता बना लिया है। वह सुबह शाम बस भाजपा को डिफेंड करती हैं। यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम ने कहा कि लॉकडाउन में दलित समाज के ऊपर हमले बढ़े हैं लेकिन मायावती का एक बार भी मुंह नहीं खुलता है। दलित और वंचित समाज के लोग जान गए हैं कि हाथी किसका साथी है?

प्रवासी मजदूरों को नहीं लाना चाहती थी योगी सरकार
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूपी विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि योगी सरकार देश निर्माता मजदूर भाई-बहनों को लाना ही नहीं चाहती थी इसलिए तरह तरह की शर्तें और बहाने बाजियां कर रही थी।

उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की गैरकानूनी गिरफ्तारी और संदीप सिंह पर फर्जी मुकदमें की निंदा करते हुए कहा कि पूरी पार्टी की एकजुटता उनके साथ है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए कठिन घड़ी है लेकिन हम जनसेवा की प्रतिबद्धता से एक इंच भी पीछे नहीं होंगे।

बहानेबाजी कर रही योगी सरकार

नेता विधानमंडल दल की नेता ने कहा कि योगी सरकार को हमने एक हजार से अधिक वाहनों की सूची भेजी थी। लेकिन योगी सरकार की मंशा देश निर्माता श्रमिकों लाने की नहीं थी इसलिए बहानेबाजी कर रही थी।

अमानवीय राजनीति बन्द करे भाजपा

उन्होंने कहा कि वह यह बात पूरी जबाबदेही और जिम्मेदारी के साथ कह रही है कि भेजी गई वाहनों की लिस्ट में 1032 बसें हैं। उन्होंने बताया कि एक-एक नम्बर को दोबारा चेक किया गया है। उन्होंने कहा कि आदित्यनाथ सरकार से प्रदेश के मजदूरों, श्रमिक भाइयों के साथ छल किया है। प्रदेश की जनता इन्हें माफ नहीं करेगी। उन्होने कहा कि भाजपा को न प्रवासी मजदूरों से मतलब है और न छात्रों से मतलब है। भाजपा अब अमानवीय राजनीति बन्द करे और प्रदेशवासियों की तथा प्रवासी मजूदरों की तकलीफ, दुख-दर्द पर जो मर्मान्तक पीड़ा झेल रहे हैं उस पर ध्यान दे।

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष (पूर्वी जोन) बीरेंद्र चैधरी ने कहा कि सूबे के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा पेशे से शिक्षक हैं। उन्हें झूठ बोलना शोभा नहीं देता है। योगी आदित्यनाथ के कहने पर तो कत्तई झूठ नहीं बोलना चाहिए। चैधरी ने कहा कि परिवहन निगम उत्तर प्रदेश के प्रबंध निदेशक डा. राजशेखर ने पत्र लिखकर व्यय का विवरण मांगा था ताकि औचित्यपूर्ण भुगतान हो सके।

जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं

उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच में इस तरह के लेन देन होते रहे हैं। उन्होंने यूपी परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डा. राजशेखर के 18 अप्रैल और 27 अप्रैल को लिखे गए दो पत्रों को दिखाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्री रोज-रोज प्रेस कांन्फ्रेंस करके जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं लेकिन जनता के सामने योगी सरकार का गरीब विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है।

ReportLook Desk

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