मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी और इसके संपदाक, एंकर और रिपोर्टरों के खिलाफ ताजा एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में अन्य संपादकीय कर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है। चैनल पर पुलिस ने आरोप लगाया है कि इसने मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की छवि खराब करने और पुलिस को बदनाम करने का काम किया है। ध्यान रहे कि चैनल के खिलाफ मुंबई पुलिस की तरफ से दर्ज यह चौथी एफआईआर है।

ताजा एफआईआर स्पेशल ब्रांच ने एन एम जोशी मार्ग थाने में दर्ज कराई है। एफआईआर को मुंबई पुलिस की सोशल मीडिया लैब में तैनात सब इंस्पेक्टर शशिकांत पवार की तरफ से दर्ज किया गया है। पुलिस की सोशल मीडिया लैब का काम सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में चल रही फेक न्यूज, अफवाहों और अन्य कंटेंट पर नजर रखना है ताकि ऐस खबरों और अफवाहों के चलते शहर या राज्य में किसी किस्म का सांप्रदायिक या सामाजिक तनाव न पैदा हो और कानून व्यवस्थान बिगड़े।

एफआईआर के मुताबिक पुलिस की सोशल मीडिया लैब ने नोट किया कि 10 अक्टूबर को रिपब्लिक टीवी ने एक शो प्रसारित किया जिसका शीर्षक ‘मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ बगावत’ रखा गया था। इस कार्यक्रम में कहा गया कि पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह मुंबई पुलिस की छवि खराब कर रहे हैं और उनके आदेशों को अब जूनियर अधिकारी नहीं मान रहे हैं। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों से जवाब मांगा गया था। इस शो को शिवानी गुप्ता नाम की एंकर और रिपोर्ट सागरिका मित्रा ने पेश किया था। इसमें रिपब्लिक के रिपोर्टर शावन सेन की रिपोर्ट को दिखाया था।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि, “ऐसा कार्यक्रम प्रसारित कर चैनल और इसके पत्रकारों ने जानबूझकर मुंबई पुलिस और पुलिस कमिनश्नर के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की साथ ही इससे मुंबई पुलिस की छवि भी खराब हुई।”

पुलिस ने इस मामले में पुलिस के खिलाफ माहौल बनाने की धारा 3(1) , धारा 500 (मानहानि) आदि के तहत मामला दर्ज किया है। ध्यान रहे कि रिपब्लिक चैनल के संपादक अर्णब गोस्वामी पर पायधोनी और एन एम जोशी मार्ग थाने में पहले से ही सांप्रदायिक भावनाएं भड़का कर तनाव पैदा करने की एफआईआर दर्ज हैं।

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