नई दिल्ली. दिल्ली के निजामुद्दीन (Nizamuddin) इलाके में स्थित तब्लीग-ए-जमात के मऱकज में आयोजित धार्मिक समारोह में शामिल होने के बाद अलग-अलग राज्यों से कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के मामले सामने आए हैं. इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तब्लीगी जमात (Tablighi Jamaat) से रिपोर्ट मांगी है.

माना जा रहा है कि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई कर सकती है. वहीं, सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय तब्लीगी जमात से जुड़े इंडोनेशिया के 800 मौलानाओं को ब्लैक लिस्ट कर सकती है. यानी उन्हें अब आगे से भारत आने के लिए वीजा नहीं मिलेगा.

गृह मंत्रालय का कहना है कि मऱकज में शामिल हुए कई विदेशियों को वीजा देने के मामले में गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया. गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार विजा नियमों में धार्मिक प्रचार प्रसार, धार्मिक भाषण देना आदि में भाग लेना वर्जित है. ऐसे में सरकार सभी विदेशी पर्यटकों पर आजीवन प्रतिबंध लगा सकती है.

सरकारी सूत्र ने ये भी बताया कि ये मौलाना समूहों में तेलंगाना, बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा पहुंचे थे. वहां के मस्जिदों और कई मीटिंग में इन लोगों ने हिस्सा भी लिया था. ऐसे में कोरोना संक्रमण के फैलने के आशंका और ज्यादा हो गई है.

एक अधिकारी ने बताया, ‘तेलंगाना में सामने आने वाले कोविड-19 के लगभग 50 फीसदी केस के तार निजामुद्दीन के मऱकज से जुड़े हैं. यानी संक्रमित हुए लोगों में ज्यादातर मऱकज में शामिल हुए थे या फिर इसमें शामिल होने वाले लोगों के संपर्क में आए थे.’

दिल्ली सरकार ने दिए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
वहीं, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया है कि दिल्ली सरकार ने तब्लीगी जमात के धार्मिक कार्यक्रम के आयोजनकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.

इसके पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, ‘आयोजकों ने बहुत ही घोर अपराध किया है. मैंने उपराज्यपाल अनिल बैजल को चिट्ठी लिखकर कहा है कि इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और इनको बख्शा ना जाए. उन्होंने कहा कि FIR दर्ज करने के निर्देश दे दिए गए हैं.

केजरीवाल सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम को क्वॉरनटाइन सेंटर बनाने की मंजूरी नहीं दी है. जैन ने बताया, ‘हमें दो दिन पहले ही रात को पता चला है कि 6 लोग राम मनोहर लोहिया में आये हैं, तब से हमने कार्रवाई की है.’

कब आयोजित हुआ था कार्यक्रम?
बता दें कि दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित मऱकज में मलेशिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और किर्गिस्तान सहित 2,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने 15 से 18 मार्च तक तब्लीगी जमात में हिस्सा लिया था. यह कार्यक्रम देेश में Lockdown घोषित होने से पहले ही हो गया था

कोरोना वायरस के चलते मऱकज से अब तक कुल 860 लोगों को निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया जा चुका है. वहीं अभी 300 और लोगों को निकाल कर अस्पताल ले जाया जाएगा.

क्या कहता है मऱकज?
उधर, निजामुद्दीन मऱकज के प्रवक्ता डॉक्टर मोहम्मद शोएब ने कहा, ‘हमने प्रशासन को नामों की लिस्ट दे दी है, जिन्हें धार्मिक समारोह के दौरान सर्दी जुकाम और खांसी की परेशानी थी. कुछ लोगों को उम्र और ट्रैवल हिस्ट्री के आधार पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.’

ReportLook Desk

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