नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (National Population Register) को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है. हैदराबाद के सांसद और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने यह बयान उस समय दिया जब एनपीआर को लेकर शेड्यूल तय होने की जानकारी सामने आई है.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर एनपीआर का शेड्यूल फाइनल हो चुका है तो इसका विरोध का तरीका भी जल्द फाइनल हो जाएगा. ओवैसी ने कहा कि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) दरअसल पहले चरण का एनपीआर है.

ओवैसी ने असदुद्दीन ओवैसी ने एनपीआर का लिंक भी शेयर किया. उन्होंने ट्वीट किया कि ‘एनपीआर एनआरसी की ओर बढ़ता पहला कदम है. भारत के गरीबों को इस प्रक्रिया में मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, जिसके कारण उन्हें संदिग्ध नागरिक के रूप में चिह्नित किया जा सकता है.’ ओवैसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार एनपीआर के काम को अंतिम रूप दे रही है तो इसके विरोध का तरीका भी जल्द तय कर लिया जाएगा.

दरअसल ऐसी खबरें आ रही हैं जब देश के महारजिस्ट्रार के दफ्तर में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए क्या प्रश्न पूछे जाने हैं और इसे किस तरह से देश में लागू किया जाएगा, उसको फाइनल रूप दिया जा रहा है. हालांकि अभी तक यह तय नहीं है कि इसे कब से तैयार किया जाएगा.

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