AIMIM Chief Berister Assadudin owaisi

नई दिल्ली . भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर द्वारा लोकसभा में दिए-गए ताजा बयान पर हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री से पूछा है कि वह स्पष्ट करें कि यह गोडसे का भारत है या गांधी का भारत. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर प्रज्ञा ठाकुर के बयान को शर्मनाक बताया. उन्होंने लिखा, ‘इस सांसद ने भारत के पहले आतंकवादी का देशभक्त बताकर बचाव करके संसद का अपमान किया है. शर्मनाक. बीजेपी ने कल संविधान दिवस मनाया था. आज आतंक की आरोपी इसकी सांसद ने गोडसे को देशभक्त बताया है. प्रधानमंत्री कब स्पष्ट करेंगे- यह गोडसे का भारत है या गांधी का भारत?’

साध्वी प्रज्ञा के बयान पर विवाद बढ़ने के बाद संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने संसद से बाहर कहा कि बीजेपी सांसद ने गोडसे या किसी अन्य का नाम ही नहीं लिया. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (प्रज्ञा) गोडसे या किसी अन्य का नाम नहीं लिया. रेकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है. इस तरह की खबरों को फैलाना ठीक नहीं है.’

इतना ही नहीं, मंत्री ने यहां तक दावा किया कि प्रज्ञा ने तब आपत्ति जाहिर की जब ऊधम सिंह का नाम लिया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘उनका (प्रज्ञा) माइक चालू नहीं था. जब ऊधम सिंह का नाम लिया जा रहा था तब उन्होंने आपत्ति जताई थी. उन्होंने इस बारे में सफाई भी दी है और मुझे व्यक्तिगत तौर पर भी बताया है.’ दूसरी तरफ, डीएमके के सांसद ए. राजा का कहना है कि प्रज्ञा ने गोडसे को राष्ट्रवादी बताया. उन्होंने बताया, ‘जब मैंने यह कहा कि नाथूराम गोडसे ने गांधी की हत्या का जघन्य पाप किया था तो साध्वी प्रज्ञा खड़ी हो गईं और कहा कि वह एक राष्ट्रवादी थे. यह निंदनीय है.’

पूरा वाकया तब हुआ जब लोकसभा में एसपीजी अमेंडमेंट बिल पर चर्चा के दौरान डीएमके सांसद ए. राजा अपनी बात रख रहे थे. राजा गोड्से के एक बयान का हवाला दे रहे थे कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा तो साध्वी प्रज्ञा ने उन्हें टोक दिया. बीजेपी सांसद ने कहा, ‘आप एक देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते.’ राजा ने कहा कि गोड्से ने खुद कबूला था कि 32 सालों से उसने गांधी के खिलाफ रंजिश पाल रखी थी और आखिरकार उसने उनकी हत्या का फैसला किया. राजा ने कहा कि गोड्से ने गांधी की हत्या इसलिए की कि वह एक खास विचारधारा को मानता था.

ReportLook Desk

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