उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मंदिर के अंदर से पुजारी की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद से हंगामा खड़ा हो गया है। इस मामले में पुजारी के परिजनों का कहना है कि वो अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाते उनकी मौत की जांच होनी चाहिए।

बताया जा रहा है कि शनिवार को दोपहर के बाद असालतपुरा इलाके में स्थित एक मंदिर के अंदर से पुजारी की लाश मिली। मुरादाबाद पुलिस ने अभी इस मामले में हत्या या किसी अन्य साजिश से इनकार किया है। यहां के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने कहा कि ‘ऐसा लगता है कि पुजारी की मौत एक प्राकृतिक मौत है। उनके शरीर पर किसी भी तरह के चोट या जख्म के निशान नहीं हैं। हालांकि मौत की वजह का पता ऑटोप्सी रिपोर्ट के बाद ही चलेगा। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की जांच की जाएगी।

मृतक पुजारी का नाम रामदास जी महाराज बताया जा रहा है। 50 साल के रामदास जी महाराज रामगंगा प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के सदस्य थे और जिले में अवैध खनन के खिलाफ खुलकर आवाज भी उठाते थे। पुजारी रामदास जी महाराज रामगंगा मिशन से जुड़े थे और अवैध खनन के खिलाफ अदालत में एक केस भी लड़ रहे थे।

पुजारी की मौत के बाद स्थानीय साधु और महंतों का आक्रोश भी देखने को मिला। नाराज महंतों ने मुरादाबाद-हरिद्वार हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी इस मामले में एक्शन लेने की मांग कर रहे थे। महंतों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाकर किसी तरह प्रदर्शनकारियों को वहां से हटवाया और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त कराया।

पुलिस का कहना है कि पुजारी की मौत के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया है। सभी इस मौत को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग कर रहे थे। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

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