बांग्लादेश में हाल ही में यौन उत्पीड़न की कई घटनाएं सामने आने के बाद सड़कों और सोशल मीडिया पर जनाक्रोश भड़का, इस दौरान राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन हुए। जिसके बाद शेख हसीना मंत्रिमंडल ने सोमवार को दुष्कर्म के मामलों में अधिकतम सजा उम्र कैद से बढ़ाकर मृत्युदंड करने को मंजूरी दी।

कैबिनेट ने सर्वसम्मति से संशोधित कानून का समर्थन किया। मंत्रिमंडलीय प्रवक्ता खांडकर अनवारूल इस्लाम ने बताया कि राष्ट्रपति अब्दुल हामिद महिला एवं बाल उत्पीड़न अधिनियम में संशोधन संबंधी अध्यादेश जारी कर सकते हैं, क्योंकि अभी संसद का सत्र नहीं चल रहा है। इस संशोधन का ब्योरा तत्काल सामने नहीं आया है, लेकिन खांडकर ने कहा कि मंत्रिमंडल इस प्रस्ताव पर राजी था कि दुष्कर्म के मामले की सुनवाई जल्द हो।

पहले अधिकतम सजा उम्रकैद थी
वर्तमान कानून के तहत दुष्कर्म के मामलों में अधिकतम सजा उम्रकैद है। हालांकि जिस मामलों में पीड़िता की मौत हो जाती है, वहां मृत्युदंड की अनुमति है। कानून मंत्री अनीसुल हक ने कहा कि राष्ट्रपति मंगलवार को अध्यादेश जारी कर सकते हैं।

हाल के सप्ताहों में हिंसक यौन मामलों के बाद राजधानी ढाका और अन्य जगहों पर जबरदस्त प्रदर्शन हुए। यौन-उत्पीड़न के अपराधियों के लिए अधिक कठोर दंड की मांग करते हुए मुस्लिम-बहुल राष्ट्र में हजारों प्रदर्शनकारियों द्वारा कानून में बदलाव की मांग की गई थी। बांग्लादेश की राष्ट्रीय महिला वकील एसोसिएशन (BNWLA) की कार्यकारी निदेशक एडवोकेट सलमा अली ने कहा कि ‘न्याय की पहुंच स्थानीय पुलिस स्टेशनों पर शुरू होती है, जिन्हें ठीक तरह से प्रशिक्षित करने की जरूरत है। ऐसे संवेदनशील मामलों की जांच विशेषज्ञ अधिकारियों से कराया जाना चाहिए।’

सलमा अली ने कहा कि ‘जब मुकदमा चल रहा हो तब पीड़ितों को अदालत में अपनी उपस्थिति के दौरान आगे की दर्दनाक स्थिति से बचाया जाना चाहिए।’ बांग्लादेश लीगल सहायता एंड सर्विसेज ट्रस्ट (BLAST) के प्रवक्ता ताकबीर हुदा ने कहा कि ‘मौजूदा कानून के तहत दुष्कर्म के एक अपराधी के लिए मौत की सजा का अभाव न्याय के लिए बाधा के रूप में कभी नहीं दिखाई दिया।’

महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले संगठन आइन-ओ-सालिश केंद्र के मुताबिक, देश में जनवरी से अगस्त के बीच बलात्कार की 889 घटनाएं हुईं और कम से कम 41 पीड़िताओं की जान चली गई।

हाल के दिनों में जनाक्रोश उस समय भड़का जब फेसबुक पर एक वीडियो आया और उसमें एक दक्षिण-पूर्वी जिले में कुछ लोगों को एक महिला को निर्वस्त्र करके उसपर हमला करते देखा गया है। देश के मानवाधिकार आयोग के अनुसार इस महिला से एक साल में बार-बार दुष्कर्म किया गया और उसे आतंकित किया गया। एक अन्य कांड में एक महिला को कार से घसीटकर कॉलेज के डॉर्मेट्री में ले जा गया और उससे सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

Join the Conversation

1 Comment

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *