विरोधी से बदला लेने के लिए साधू ने खुद पर गोली चलवा दी। यूपी पुलिस ने एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला गोंडा का है। गिरफ्तार किये गये लोगों में गोंडा के रामजानकी मंदिर के प्रमुख पुजारी और गांव के प्रमुख भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शुरुआत में पकड़े गए 2 लोगों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं लिहाजा उन्हें जेल से रिहा कराने के लिए जल्दी ही कोर्ट का रुख किया जाएगा।

पुलिस ने बताया कि इसी मंदिर के पुजारी समरथ दास उर्फ अतुल त्रिपाठी को गोली लगी थी और उनका इलाज लखनऊ के एक अस्पताल में चल रहा है। इस मामले में समरथ दास के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि 120 बीघा जमीन के मालिकाना हक लिए 2 ग्रुपों के बीच दुश्मनी चल रही थी। यहां के एडिशनल एसपी महेंद्र कुमार का कहना है कि इस मामले में एक आरोपी अभी भी फरार चल रहा है।

11 अक्टूबर को हुई गोलीबारी की घटना के बाद यहां पुलिस ने मुकेश सिंह, भयहरण सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान अमर सिंह औऱ दारोगा सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में भयहरण और दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अमर सिंह और प्रमुख पुजारी सीता राम के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। सम्राट दास, सीता राम और कुछ अन्य लोग अमर सिंह औऱ उनके सहयोगियों को फंसाना चाहते थे।

इसी लिए उन लोगों ने खुद पर गोलियां चलवाईं। पुलिस को यह भी पता चला है कि पंचायत चुनाव को लेकर गांव के प्रधान विनय सिंह और अमर सिंह के बीच पंचायत चुनाव को लेकर झगड़ा चल रहा था। योजना के मुताबिक मुन्ना सिंह ने सम्राट दास को ऐसे गोली मारी ताकि वो गंभीर रूप से जख्मी ना हो पाए। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में सीता राम औऱ विनय सिंह ही मुख्य आरोपी हैं। इसी मामले में Itiyathok थाने के एसओ संदीप कुमार को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है।

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