अरब देशों में भारत का भारी विरोध के क्या है मायने ? इसके नतीजे होंगे बहुत भयंकर

पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति याहया ख़ान की आपत्ति के बाद भारत के राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद को मोरक्को के शहर रबात से ख़ाली हाथ लौटना पड़ा था। याहया ने कहा था कि अगर भारत को शामिल करना है तो पाकिस्तान इस्लामी देशों के संगठन यानी ओआईसी की बैठक में ग़ैर मौजूद रहना चाहेगा। संगठन की […]