चीन ने 10 अक्टूबर को ताइवान के राष्ट्रीय दिवस की कवरेज को लेकर भारतीय मीडिया के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है। चीन ने कहा है कि ताइवान के राष्ट्रीय दिवस को कवरेज करते समय भारतीय मीडिया वन चाइना पॉलिसी का ध्यान रखे और ताइवान को देश न बताए। चीन ने आगे कहा है कि सभी देशों को बीजिंग के साथ राजनयिक संबंध रखने चाहिए वन-चाइना पॉलिसी के लिए अपनी प्रतिबद्धता का दृढ़ता से सम्मान करना चाहिए।

दरअसल, चीन का निर्देश उसके बाद आया है जब ताइवान सरकार की ओर से दिल्ली के दो अखबरों में राष्ट्रीय दिवस से पहले फुल पेज का विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन में ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग वेन की एक छवि दिखाई गई थी और एक नारा दिया गया था ‘ताइवान और भारत प्राकृतिक साझेदार हैं’ था।

इसके साथ-साथ विज्ञापन में कोरोना वायरस के मुकाबले के लिए ताइवान के प्रयासों अपने अनुभवों और आवश्यक चिकित्सा सामाग्री को साझा करने का उल्लेख किया गया था। भारत-चीन सीमा गतिरोध की पृष्ठभूमि के खिलाफ, विशेषज्ञों और टिप्पणीकारों ने ताइपे के साथ अपने संबंधों की समीक्षा करने के लिए नई दिल्ली की ओर रुख किया है।

1995 में, भारत और ताइवान ने अपनी-अपनी राजधानियों में प्रतिनिधि कार्यालय स्थापित किए, हालांकि दोनों पक्षों के औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। नई दिल्ली में ताइवान का ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर है, जबकि भारत का ताइपे में इंडिया-ताइपे एसोसिएशन है, जो व्यापार, पर्यटन, और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए है।

इससे जुड़े लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ताइवान ने कोविड-19 महामारी के कारण अपने राष्ट्रीय दिवस पर स्वागत समारोह को रद्द कर दिया गया है और इस अवसर पर केवल विज्ञापन और टीवी शो ही होगा। नई दिल्ली में चीनी दूतावास की ओर से भेजे गए एक पत्र में ‘आगामी ताइवान के तथाकथित राष्ट्रीय दिवस’ का उल्लेख करते हुए कहा कहा है कि वह मीडिया मित्रों को याद दिलाना चाहता है कि दुनिया में केवल एक चीन है जहां पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइन की एकमात्र वैध सरकार है जो कि पूरे चीन का प्रतिनिधित्व करती है।

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