पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) इकबाल सिंह ने सिटी कोर्ट से गुहार लगाते हुए टीआरपी घोटाले से संबंधित सामग्रियों के प्रसारण को लेकर रिपब्लिक टीवी चैनल और इसके एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी पर रोक लगाने की मांग की है। इस मामले में कांदिवली पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई है।

टीआरपी घोटाले से संबंधित पुलिस फोर्स पर टिप्पणियों को लेकर शेख ने गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी चैनल पर मानहानि का मुकदमा दायर किया है। इस मामले पर बुधवार को सुनवाई हो सकती है।

आभा सिंह की तरफ से दायर इस मानहानि के मुकदमें में यह आरोप लगाया गया है कि “जब एक मामला वैधानिक प्रावधानों के तहत जांच के अधीन है, बचाव पक्ष नंबर-1 (गोस्वामी) को यह छूट नहीं दी जा सकती है कि वे अपने ही केस के बारे में अपने ही चैनल पर बहस कर मुंबई पुलिस को बदनाम करे।”

शेख ने यह आरोप लगाया है कि गोस्वामी डिबेट्स और स्टोरी का प्रसारण कर रहे हैं, जिससे केस की जांच प्रभावित हो सकती है। मुकदमे में कहा गया- “वादी ने कहा कि प्रतिवादी नंबर 1 ने दो लोकप्रिय चैनल के मालिक होने के नाते अपनी सीमाओं को पार किया है और एक संवैधानिक निकाय के द्वारी जांच किए जा रहे केस को एडिटर-इन-चीफ के तौर पर बड़े धर्मोपदेशों से धुंधला कर स्वंय के अपना एजेंडा शुरू कर दिया है।”

रिपब्लिक टीवी उन तीन चैनलों में से एक है जिस पर मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने टीआरपी को मैनुपुलेट करने का आरोप लगाया है।

टीआरपी स्कैम में मुंबई पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें उन घरों में जहां पर टीवी को मॉनिटर किया जाता था वहां के घर मालिकों को एक निश्चित चैनल देखने के लिए पैसे दिए जाने का आरोप है। रेटिंग किसी भी चैनल के लिए इसलिए जरूरी होता है क्योंकि इसी आधार पर उसके विज्ञापन की प्राथमिकता तय किया जाता है। पुलिस ने यह दावा किया है कि यह कई करोड़ का घोटाला है।

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